देहरादून, 31 अगस्त (Udaipur Kiran) । उत्तरांचल उत्थान परिषद की वर्ष 2024-25 के कार्यों की समीक्षा एवं आमसभा की वार्षिक बैठक हुई । कार्यक्रम के दूसरे दिन अंतिम सत्र में उत्थान परिषद की वार्षिक पत्रिका ‘हिमांजलि’ वर्ष 2025-26 का विमोचन किया गया।
हिमांजलि विमोचन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी व मुख्यवक्ता ग्राम विकास प्रमुख देवेन्द्र रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवेत्री व लेखिका नीता कुकरेती व संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र लडवाल ने संयुक्त रुप से की जबकि संचालन के संस्था के महामंत्री राजेश थपलियाल ने किया।
प्रथम दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक डा. शैलेन्द्र उपस्थित रहे। साधारण सभा के उद्घाटन सत्र की इस बैठक में डा. शैलेन्द्र ने उत्तरांचल उत्थान परिषद की आम सभा के सदस्यों व कार्यकारिणी सदस्यों, विभिन्न जनपदों के जिला संयोजकों, कार्यकर्ताओं व विभिन्न प्रकल्प प्रमुखों को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वरोजगार व स्वावलम्बन के आधार पर हम उद्ममिता की गति बढ़ा सकते है। साथ ही मेरा गांव मेरा तीर्थ जैसे ध्येय वाक्य से हम समाज को गांवों से जोड़ सकते हैं। महामंत्री ने विभिन्न जनपदों में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित संस्कार केन्द्रों, विभिन्न सेवा प्रकल्पों एवं उत्तरांचल उत्थान परिषद के द्वारा लाइब्रेरी एवं अन्य सेवा कार्यों की जानकारी सभा में रखी । बैठक के द्वितीय सत्र में आम सभा की बैठक में परिषद के महामंत्री की ओर से वर्ष 2024-25 की समस्त कार्यकलापों व गतिविधियों का विवरण रखा गया।
कोषाध्यक्ष की ओर से आम सभा में वर्ष 2024-25 की आय एवं विभिन्न मदों में व्यय की गई धनराशि का लेखा जोखा एवं वर्ष 2025 -26 में विभिन्न नियमित मदों के अतिरिक्त अन्य मदों में अनुमानित व्यय के आकलन का विवरण रखा।
बैठक में चर्चा के बाद आय एवं व्यय के प्रस्तावों का अनुमोदन कर प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में उपस्थित परिषद के अध्यक्ष की ओर से सभी सदस्यों से आग्रह किया कि उन्हें उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों में लोगों के उत्थान के लिए स्थानीय निवासियों से सम्पर्क कर विचार-विमर्श कर नई कार्य योजना तैयार करनी चाहिए।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिवस के प्रथम सत्र की बैठक में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ग्राम विकास विभाग प्रमुख ललित व प्रांत सेवा प्रमुख पवन उपस्थित रहे।
हिमांजलि पत्रिका के विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि कोश्यारी ने कहा कि पत्रिका के सभी विशेषांक उत्तराखंड के विकास व स्वरोजगार व संसाधनों पर प्रकाशित हुए हैं । इस वर्ष का अंक उत्तराखंड की प्राचीन ज्ञान परम्परा पर प्रकाशित हुआ है, जो प्रसंसनीय है । पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड बौद्धिक रुप से सम्पन राज्य है। बहुत से प्रयोगधर्मी ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन वानकी के अच्छे प्रयोग कर रहे हैं । इन कर्मवीरों पर भी हिमाञ्जलि का अंक प्रकाशित होना चाहिए । उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड विकास की दृष्टि देश के अग्रणीय राज्यों में अपना स्थान बनाया है ।
कार्यक्रम अध्यक्षता कर रही प्रसिद्ध कवेत्री व लेखिका नीता कुकरेती पत्रिका प्रकाशित होने पर सम्पादक मण्डल को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पत्रिका शोधकर्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ता के लिए सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने अपने स्वरचित कविता का भी गायन किया ।
कार्यक्रम के अन्त में संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र लडवाल ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में प्रेम बड़ा कोटी, पलायन आयोग सदस्य राम प्रकाश पैन्यूली, नरेश चन्द्रकुला श्री, आनन्द सिंह रावत, कुलानन्द कोठियाल, दिवाकर पैन्यूली, धर्मानन्द उनियाल आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
(Udaipur Kiran) / विनोद पोखरियाल
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