हरियाणा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. कहानी की शुरुआत होती है एक साधारण परिवार से. इस परिवार में एक पिता, उसकी पत्नी और दो छोटी-छोटी बेटियां थीं. बड़ी बेटी साढ़े तीन साल की थी, छोटी वाली सिर्फ आठ महीने की. पिता मजदूरी करता था और परिवार खुशी-खुशी गुजर-बसर कर रहा था. लेकिन पिता का बड़ा भाई यानी बच्चियों का ताऊ. यह ताऊ शराब का आदी था और अक्सर नशे में धुत रहता. वह बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाता, उन्हें खेलने के बहाने रखता और उनके साथ गलत हरकतें करता.
एक दिन जब परिवार के लोग काम पर थे ताऊ ने फिर से अपना घिनौना रूप दिखाया. उसने आठ महीने की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार किया. जब यह बच्ची सिर्फ साढ़े तीन महीने की थी, तब भी ताऊ ने उसके साथ वैसा ही अपराध किया था और बड़ी बहन के साथ भी वह एक बार ऐसा कर चुका था. लेकिन पहले की घटनाओं में परिवार चुप रहा. लोकलाज के डर से समाज की नजरों से बचने के लिए उन्होंने कुछ नहीं कहा. वे सोचते थे कि अगर बात बाहर आई तो परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी. लेकिन इस बार हद हो गई. आठ महीने की बच्ची की चीखें सुनकर परिवार के सदस्य दौड़े आए. उन्होंने ताऊ को रंगे हाथों पकड़ लिया.
अब परिवार ने तुरंत पुलिस को फोन किया. पुलिस मौके पर पहुंची. बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल चेकअप हुआ. डॉक्टरों ने पुष्टि की कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है. परिवार ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए. पिता ने बताया, ‘मेरी दोनों बच्चियां मासूम हैं. ताऊ अक्सर उन्हें अपने साथ रखता था, लेकिन हम नहीं जानते थे कि वह इतना नीच इंसान है. अब हम उसे सजा दिलवाकर रहेंगे.’ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. आरोपी ताऊ को गिरफ्तार कर लिया गया.
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